केपटाउन में भारत को मिली 72 रन से हार के बाद बीसीसीआइ ने इंडिया में अपने एक खिलाड़ी को सस्पेंड कर दिया है। इन दिनों टीम इंडिया से बाहर चल रहे क्रिकेटर युसूफ पठान को बड़ा झटका लगा है। पठान को प्रतिबंधित पदार्थ लेने के चलते भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने सस्पेंड कर दिया है। पिछले साल एक टूर्नामेंट के दौरान युसूफ पठान का डोप टेस्ट किया गया था जिसमें पॉजिटिव पाए गए। उन्हें प्रतिबंधित पदार्थ टरब्यूटलाइन लेने के लिए पॉजिटिव पाया गया। ये पदार्थ आमतौर पर कफ सिरप (खांसी की दवा) में पाया जाता है। पठान पर बीसीसीआइ ने पांच महीने का बैन लगाया है।

आइपीएल 2018 खेले सकेंगे पठान

बीसीसीआइ के पठान को सस्पेंड करने के बाद उनकी घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ टीम इंडिया में वापसी की कोशिशों को जोर का झटका लगा है। बीसीसीआइ ने पठान पर पांच माह का निलंबन लगाया है, जो 15 अगस्त 2017 से लागू हुआ और यह निलंबन 14 जनवरी, 2018 को समाप्त हो जाएगा। इस बीच घरेलू सत्र में खेले गए उनके मैचों के परिणामों को भी रद्द किया जा सकता है। यूसुफ पठान ने पिछले घरेलू सत्र में बड़ौदा रणजी टीम के लिए केवल एक ही मैच खेला था।

दरअसल यूसुफ ने ब्रोजिट नाम की दवा का सेवन किया था। इस दवा में प्रतिबंधित पदार्थ का इस्तेमाल होता है। पठान ने बीसीसीआइ के डोपिंग रोधी टेस्ट कार्यक्रम के दौरान 16 मार्च, 2017 को नई दिल्ली में घरेलू टी-20 मैच के तहत यूरिन सेंपल दिया था। उनके इस सेंपल की जांच की गई और इसमें प्रतिबंधित पदार्थ ‘टब्र्यूटेलिन’ की मात्रा पाई गई।

दवा लेने के लिए अनुमति नहीं ली

किसी भी खिलाड़ी को यह दवा लेने के लिए पहले से ही अनुमति लेनी पड़ती है। लेकिन दवा लेने से पहले न तो यूसुफ पठान ने इजाजत ली और न ही बड़ौदा टीम के डॉक्टर ने। नतीजा यह रहा कि यूसुफ डोप टेस्ट में पकड़े गए और अब बीसीसीआइ ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। डोप टेस्ट का रिजल्ट पॉजेटिव आते ही बीसीसीआइ ने बड़ौदा एसोसिएशन को जारी सत्र के बाकी मैचों लिए यूसुफ को टीम में न चुनने के लिए फरमान जारी कर दिया था।

पठान ने दी सफाई

पठान ने डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन की बात स्वीकार की और कहा कि उन्हें जो दवाई लिखी गई थी, उसके अलावा उन्हें कोई और दवाई दी गई, जिसमें ‘टब्र्यूटेलिन’ की मात्रा शामिल थी। पठान ने हालांकि कहा कि उन्होंने जानबूझकर इस दवा का सेवन नहीं किया है और इसके सेवन का मकसद सिर्फ गले में जारी संक्रमण से छुटकारा पाना था, न कि अपने प्रदर्शन को सुधारना था।

बीसीसीआई का शुक्रिया

पत्र लिखकर बीसीसीआई का शुक्रिया भी अदा किया. बिना इजाजत ली गई दवा और यूसुफ पठान के इतिहास को देखते हुए बोर्ड ने उन्हें सजा भी दे दी, लेकिन बोर्ड ने यूसुफ को पूरी तरह से बचा भी लिया. सजा के तहत बीसीसीआई ने यूसुफ पठान को पांच महीने के लिए निलंबित कर दिया, जबकि साल 2012 में आईपीएल में डोप टेस्ट में फेल हुए दिल्ली डेयर डेविल्स के क्रिकेटर और वर्तमान दिल्ली घरेलू टीम के कप्तान प्रदीप सांगवान को 18 महीने का प्रतिबंध झेलना पड़ा था.

डोपिंग में फंसने वाले दूसरे भारतीय क्रिकेटर

यूसुफ पठान डोप टेस्ट में फंसने वाले दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं। पठान से पहले साल 2012 आइपीएल में दिल्ली डेयर डेविल्स के गेंदबाज प्रदीप सांगवान को डोप टेस्ट में फंसने के कारण 18 महीने का बैन झेलना पड़ा था।

ऐसा रहा है पठान का रिकॉर्ड

यूसुफ पठान ने टीम इंडिया की ओर से 57 वनडे मैच और 22 टी-20 मैच खेले हैं। उन्होंने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2012 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग में खेला था। उन्हें इस बार आइपीएल में भी किसी टीम ने रिटेन नहीं किया है। वह आइपीएल में पिछले साल कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से खेले थे।

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