मेलबर्न टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लैंड ने दमदार वापसी कर ली। एलिस्टर कुक (नाबाद 104) की नाबाद शतकीय पारी के दम पर इंग्लैंड ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर जारी चौथे टेस्ट मैच के दूसरे दिन आस्ट्रेलिया के खिलाफ स्टंप्स तक दो विकेट के नुकसान पर 192 रन बना लिए हैं। पहली पारी में आस्ट्रेलिया की ओर से बनाए गए 327 रनों के आधार पर इंग्लैंड अब भी 135 रन पीछे है। कुक के साथ कप्तान जो रूट (49) नाबाद हैं। एलिस्टर कुक अपना शतक नहीं लगा पाते अगर ऐसा हो गया शॉन मार्श ने उनका कैच न छोड़ा होता।

आस्ट्रेलिया की पहली पारी समाप्त होने के बाद अपनी पहली पारी खेलने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। 35 के स्कोर पर नाथन लॉयन ने मार्क स्टोनमैन को अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर इंग्लैंड को दिन का पहला झटका दिया। इसके बाद, जेम्स विसे (17) ने कुक के साथ 45 रनों की साझेदारी कर टीम को 80 के स्कोर तक पहुंचाया था, लेकिन इसी स्कोर पर जोश हेजलवुड ने विंसे को पगबाधा आउट किया और इस साझेदारी को मजबूत नहीं होने दिया।

ब्रॉड ने छुड़ाए ऑस्ट्रेलिया के छक्के

इससे पहले, अपने पिछले दिन मंगलवार के स्कोर तीन विकेट पर 244 रनों से आगे खेलने उतरी आस्ट्रेलिया 260 के कुलयोग पर कप्तान स्टीव स्मिथ (76) का विकेट खोया। टोम कुरान ने स्मिथ को बोल्ड किया। चौथे टेस्ट मैच के दूसरे दिन स्टुअर्ट ब्रॉड आस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बने रहे। उन्होंने 278 के स्कोर पर शॉन मार्श (61) का विकेट लिया, जिसके बाद आस्ट्रेलिया की टीम कमजोर पड़ गई और नियमित रूप से उसके विकेट गिरते रहे और टीम की पारी 327 रनों पर समाप्त हो गई। इस पारी में ब्रॉड ने सबसे अधिक चार विकेट लिए। इसके अलावा, जेम्स एंडरसन को तीन और क्रिस वोक्स को दो सफलताएं मिली। कुरान ने भी एक विकेट लिया।
कुक ने जड़ा शतक

कुक ने विंसे के आउट होने के बाद कप्तान रूट के साथ टीम की पारी को संभाला। दोनों ने स्टम्प्स तक बिना कोई और नुकसान किए 112 रनों की शतकीय साझेदारी कर इंग्लैंड को 192 के स्कोर तक पहुंचा दिया। कुक ने इस पारी में अपने टेस्ट करियर का 32वां शतक लगाया है। वह आस्ट्रेलिया के खिलाफ उसी की जमीन पर पांच शतक लगा चुके हैं और ऐसे में वह आस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच या उससे अधिक शतक लगाने वाले इंग्लैंड के पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं। कुक ने 166 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौके लगाकर अपना शतक पूरा किया।
कुक पिछली दस पारियों का सूखा खत्म करने में कामयाब रहे, क्योंकि पिछली 10 पारियों मे वो अर्धशतक तक नहीं जमा पाए थे। इंग्लैंड के लिए कुक की ये शतक की राहत नहीं आती अगर इंग्लैंड की पारी के 33वें ओवर की पांचवीं गेंद पर कुक को जीवनदान नहीं दिया होता। पहली स्लिप में शॉन मार्श ने कुक का कैच छोड़ दिया अगर उन्होंने ये काच न छोड़ा होता, तो न ही कुक का शतक बनता और न ही इंग्लैंड मजबूत होता। जब मार्श ने कुक का कैच छोड़ा तब वो 66 के निजी स्कोर पर बल्लेबाज़ी कर रहे थे।

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