1 जून से आईसीसी चैंपियन ट्ऱॉफी इंग्लैंड में शुरू हो रही है. इस टूर्नामेंट को क्रिकेट का मिनी विश्वकप कहा जाता है. हर साल इसमें कई तरह के रिकॉर्ड बनाए और टूट जाते हैं. फुटबॉल के बाद क्रिकेट का खुमार धीरे-धीरे पूरी दुनिया में छा जा रहा है. ओलंपिक में हर बार झंडा गाड़ने वाले देश अमेरिका को भी एक बार इसका चस्का लग चुका है. साल 2004 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने आईसीसी चैंपियनशिप में अपनी टीम उतारी थी.
जब क्रिकेट प्रेमियों ने सुना कि अमेरिका इस टूर्नामेंट में अपनी टीम उतारने जा रहा है तो लगा कि वह सबसे शक्तिशाली टीम होगी क्योंकि सबके मन में अमेरिका को लेकर वैसी ही छवि बनी हुई थी और ऐसा लग रहा था कि आने वाले दिनों में अमेरिका क्रिकेट की दुनिया पर भी राज करने लगेगा.


अमेरिका का पहला मैच साल 2004 के चैंपियन ट्रॉफी में अमेरिका का पहला मैच न्यूजीलैंड के साथ हुआ था और पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस मैच पर लगी हुई थीं. अमेरिका ने टॉस जीतकर पहले फिल्डिंग करने का फैसला किया और न्यूजीलैंड के धाकड़ बल्लेबाजों ने 50 ओवरों में 347 रन बना डाले. इसके बाद अमेरिका की पूरी टीम 42.4 ओवर में 137 रन ही बना पाया और उसकी 210 रनों से हार हो गई.
आस्ट्रेलिया के साथ दूसरा मैच इसके बाद अमेरिका का दूसरा मैच क्रिकेट की दुनिया की सबसे दिग्गज आस्ट्रेलिया की टीम से हुआ. इस मैच में आस्ट्रेलिया ने टॉस जीता और अमेरिका को पहले बल्लेबाजी करने के लिए बुलाया. अमेरिका टीम 24 ओवर ही खेल पाई और मात्र 65 रन ही बना पाई. इस मामूली लक्ष्य को पीछा करने उतरी आस्ट्रेलिया की टीम ने कुल 7.5 खेल कर एक विकेट पर 66 रन बना लिए. हालांकि इसके बाद से अमेरिका टीम कहां चली गई उसका कुछ भी पता नहीं चला और अमेरिका ने भी क्रिकेट में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई.

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